Welcome to Suraj Kanya Shikshalaya: Nurturing Bright Futures
Welcome to Suraj Kanya Shikshalaya, where education meets excellence and every child’s potential is nurtured with care and dedication. At Suraj Kanya Shikshalaya, we believe in providing not just education but an environment where young minds can flourish, explore, and become the leaders of tomorrow. With a focus on holistic development and a commitment to academic excellence, we strive to create a learning space that inspires creativity, critical thinking, and a passion for lifelong learning.
Playlist
Poem
मैं, निशा तिवारी, इन्द्रप्रस्थ विद्यालय की छात्रा, सूरज कन्या विद्यालय के सौंवे वर्ष के प्रारंभ होने पर इन्द्रप्रस्थ विद्यालय की तरफ से एक कविता के रूप में अपने विचार करने आई हूँ-
सूरज कन्या विद्यालय का आंगन जैसे हो ज्ञान व उपलब्धियों का प्रांगण
नन्हे नन्हे कदमों को दिशा यह है देता
शिक्षा का यह दीप जला, अज्ञान को हर लेता
एक मज़बूत भविष्य की बनाता है यह नींव
इसकी हर एक छात्रा के है यह दिल के करीब
यहाँ इस विद्यालय में विद्यार्थी इतना प्यार पाते हैं
कि सूरज कन्या का नाम सुनते ही
इनके चहरे खिल जाते हैं
खेल कूद हो या हो कोई भी कला इनको पीछे छोड़, आगे जा सका है, क्या कोई भला
कक्षा छठी में जब ये छात्राएँ हमारे इंद्रप्रस्थ में आती हैं
अपने भोले-भाले चेहरों तथा मीठी बातों से दिल मोह लेती हैं
हमारे विद्यालय में आकर हर गतिविधी में बढ़-चढ़ कर भाग लेना
हर क्षेत्र में आगे बढ़ना, कभी पीछे मुड़कर नहीं देखना
यही सीख ये यहाँ के गुरुओं से पाती हैं
सूरज कन्या का ही नहीं ये इंद्रप्रस्थ विद्यालय का भी नाम रोशन कर देती हैं
13 जुलाई, 1924 को सूरज कन्या विद्यालय का जन्म हुआ
पटनी मल की हवेली, उसका भवन बना
99 वर्ष पूरे कर अब यह शताब्दी की तरफ बढ़ रहा है
अपने साथ कितनी यादें, सपने तथा उपलब्धियां लेकर चल रहा है
ईश्वर से प्रार्थना है यही कि ऐसे ही यह बढ़ता रहे
शिक्षा के क्षेत्र में अपने साथ साथ
इंद्रप्रस्थ का भी नाम रोशन करता रहे।
Composed by:
Mrs Jigyasa Gupta, P.G.T. (English)
Recited by:
Nisha Tiwari, Student of Class 11 B